कॉन्स्टेबल को था बुलेट चलाने का शौक, रिटायरमेंट के दिन एसपी साहब ने सपना पूरा कर दिया

नागपुर/अकोला: अक्सर ऐसा होता है कि घर का कमाने वाला तमाम उम्र परिवार की जिम्मेदारी निभाता है और उसकी ख्वाहिश अधूरी रह जाती है। अकोला के पुलिस कॉन्स्टेबल अरुण घोरमोड़े भी ऐसे ही थे, जिन्होंने पूरी जवानी इस ख्वाहिश में गुजार दी कि उनके पास बुलेट मोटरसाइकल होगी, जिसे वह शान से चलाएंगे। रिटायरमेंट के दिन उनके बॉस यानी एसपी साहब ने यह इच्छा पूरी कर दी। एसपी आर्चित चांडक उनके लिए बाइक अरेंज की और खुद सीट पर पीछे बैठकर ड्राइव का हिस्सा बने। अकोला से पहले नागपुर में डीसीपी रहे अर्चित चांडक हाल ही में ट्रांसफर के बाद अकोला एसपी बने हैं। वह आईआईटी दिल्ली से पढ़े हैं। 2018 बैच के आईपीएस चांडक काफी तेजतर्रार और मेहनती अफसर हैं।

शनिवार को रिटायर हो गए कॉन्स्टेबल

अकोला के एक पुलिस कॉन्स्टेबल अरुण घोरमोड़े शनिवार को रिटायर हो गए। रिटायरमेंट के मौके पर उन्हें और पांच अन्य पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। सभी को गुलदस्ते और गिफ्ट दिए गए। इस मौके पर घोरमोड़े की बेटी ने अपने पिता की इच्छा के बारे में जानकारी दी। घोरमोड़े बुलेट मोटरसाइकिल चलाना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण वे इसे पूरा नहीं कर पाए थे। उनकी बेटी ने बताया कि यह सपना उन्होंने कई साल से संजो रखा है।

एसपी ने रिटायरमेंट को खास बना दियाएसपी आर्चित चांडक ने घोरमोड़े की बेटी की बात सुनी। उन्होंने तुरंत अपने स्टाफ से बुलेट मोटरसाइकिल का इंतजाम करने को कहा। एसपी ने कहा कि यह उनके रिटायरमेंट का खास दिन है, हमें इसे यादगार बनाना चाहिए। घोरमोड़े को हेलमेट दिया गया। वे बुलेट पर चढ़े और थोड़ी देर के लिए उन्होंने अपनी सपने की सवारी की। एसपी चांडक भी पीछे बैठे। आईपीएस अधिकारी और रिटायर हो रहे कांस्टेबल की बुलेट सवारी के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गईं। महाराष्ट्र में पिछले महीने हुए ट्रांसफर में अर्चित चांडक को अकोला का एसपी नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह जब नागपुर में बतौर डीसीपी ट्रैफिक के तौर पर तैनात थे।

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